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Jagran Junction Forum -- समाजवादी पार्टी की सरकार – बदलेगी छवि या फिर लौटेगा गुंडाराज?

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उत्तर प्रदेश के चुनावो के नतीजे देखर काफी हैरानी हुई क्यों उत्तर प्रदेश की जनता ने
इसी समाजवादी पार्टी को 2007 में सत्ता हटाया और क्यों 2012 प्रचंड बहुमत के साथ वापस लाया | 2007 और 2012 बीच समाजवादी पार्टी में कोई विशेष परिवर्तन आया हो ऐसा लगता तो नहीं |सिवाए इसके 2012 के चुनावो में अखिलेश काफी सक्रिय रहे और कहते रहे हमें पहली गलतियो के लिए माफ़ कर हमें पुन्न सत्ता पर आसीन करे| हम दुबारा पहले जैसा नहीं करेंगे| और अमर सिंह उनसे जुदा हो चुके हैं |
माया का शासन काल मुलायम सिंह के पिछले शासन काल से बुरा तो नहीं था | गुंडागर्दी में कमी आयी थी | इससे तो ऐसा लगता जनता ने सिर्फ कहने भर से ही भरोसा कर पूरे पांच साल के लिए मुलायम राज( गुंडा राज) की वापसी पर अपनी मोहर लगा दी | नज़ारा चुनावी नतीजों पूरे तरह आने से पहले ही दिखने लगा है उत्तर प्रदेश में गुंडों और अपराधियों ने अपना रूप दिखाना शुरू कर दिया। उत्तर प्रदेश के चुनावी नतीजों को देख कर लगने लगा है सिर्फ कहने से बात बन जाती है जैसा सिर्फ ये कह कह कर हम आगे ठीक काम करेंगे जनता का मन जीत लिया |यह देख मुझे अपने एक सहकर्मी की बात याद आने लगी है वो कहा करते थे कि अगर कामयाब होना है तो “काम मत कर काम कि फिकर कर , उस फिकर का सारे जहाँ में जिकर कर”

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4 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

dineshaastik के द्वारा
March 15, 2012

आदरणीय सुभाष जी, आभास तो कुछ ऐसा ही हो रहा है। राजा भैया का चुना जाना, तो ऐसा ही प्रमाणित करता है।

    Subhash Wadhwa के द्वारा
    March 16, 2012

    आस्तिक जी, नमस्कार प्रतिक्रिया हेतु धन्यवाद अभी तो राजा भैया आयें हैं आगे आगे देखो कितने भाई लोग आते हैं

yogi sarswat के द्वारा
March 14, 2012

आदरणीय वाधवा जी सादर नमस्कार ! आपने ये लेख शायद चलते फिरते ही लिख डाला है ! क्योंकि आप हमेशा ही बेहतर लिखते हैं और विस्तृत भी , फिर ये ? आप की लेखनी के मेरे समेत कई मुरीद हैं , उन्हें आपका ये लेख पढ़कर तो निराशा ही मिलेगी ! माफ़ करें , लेकिन सत्य लिखना मजबूरी है !

    Subhash Wadhwa के द्वारा
    March 15, 2012

    सारस्वत जी , सटीक एवं सच्ची प्रतिक्रिया हेतु धन्यवाद अपने लिखा है कि सत्य लिखना मजबूरी है मेरे विचार से “सत्य लिखना जरूरी है “|


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